प्रति किलोमीटर भुगतान में हुआ बदलाव
परिवहन विभाग के मुताबिक पहले संविदा ड्राइवर और कंडक्टर को 2.18 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाता था, अब इसे बढ़ाकर 2.32 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। यानी कुल 14 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी लागू हुई है, यह फैसला हाल ही में विभागीय स्तर पर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इससे कर्मचारियों की आय में सीधा असर दिखेगा और बस संचालन की गति पर भी फर्क पड़ेगा।
मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना का असर
प्रदेश में चल रही मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में बस सेवा को मजबूत किया जा रहा है, इन बसों का किराया सामान्य बसों से कम रखा गया है, कई रूटों पर लगातार संचालन बढ़ाया गया है। सरकार का कहना है कि सस्ती यात्रा सुविधा देने के साथ साथ बस सेवाओं को नियमित रखने पर भी जोर है, इससे यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज हुई है, और गांव शहर कनेक्टिविटी में सुधार देखने को मिला है।
कितनी हुई बढ़ोतरी
- पहले भुगतान 2.18 रुपये प्रति किलोमीटर था
- अब नई दर 2.32 रुपये प्रति किलोमीटर लागू
- कुल 14 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी
- संविदा ड्राइवर और कंडक्टर को सीधा फायदा
ग्रामीण रूटों पर बढ़ रहा बस संचालन
परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों में मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के तहत सैकड़ों मार्गों पर बसें चलाई जा रही हैं। विभाग का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती और नियमित बस सेवा उपलब्ध कराने पर लगातार काम हो रहा है। कम किराए की वजह से यात्रियों की संख्या बढ़ी है और कई इलाकों में बस सेवा अब पहले से ज्यादा स्थिर हुई है।
कर्मचारियों पर क्या असर
मानदेय बढ़ने के बाद बस संचालन से जुड़े कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की बात कही जा रही है। विभाग के मुताबिक भुगतान में बदलाव से सेवाओं की नियमितता पर असर पड़ेगा और संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। परिवहन विभाग आगे भी सेवा सुधार से जुड़े फैसलों पर काम कर रहा है जिससे यात्रियों और कर्मचारियों दोनों को फायदा मिले।

