UP Shiksha Mitra Salary News: उत्तर प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्र और हजारों अनुदेशकों के लिए मानदेय बढ़ोतरी को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से कम मानदेय पर काम कर रहे शिक्षामित्र अब राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद सरकार पर दबाव बढ़ा है, जिससे बजट सत्र में बड़ा फैसला हो सकता है। अगर सब ठीक रहा तो शिक्षामित्रों की सैलरी में अच्छा इजाफा देखने को मिल सकता है। प्रदेश भर में 1.43 लाख से अधिक शिक्षामित्र प्राइमरी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अनुदेशक नियुक्त है सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि का आदेश देने के बाद अब शिक्षामित्र के मानदेय बढ़ोतरी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
मानदेय बढ़ाने की तैयारी तेज
राज्य में शिक्षामित्रों को फिलहाल ₹10000 महीना मानदेय दिया जा रहा है, जो लंबे समय से नहीं बढ़ा है। अब चर्चा है कि इसे बढ़ाकर ₹17000 से ₹20000 के बीच किया जा सकता है। बता दें कि इस मुद्दे को लेकर कई बार शिक्षामित्र संगठनों ने सरकार से मांग उठाई थी, वहीं सरकार भी इस पर अंदरूनी स्तर पर काम कर रही है। बढ़ती महंगाई और लगातार दबाव को देखते हुए यह फैसला अहम माना जा रहा है, जिससे हजारों परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा और शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति कुछ बेहतर हो सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया था, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि इसी फैसले के बाद अब शिक्षामित्रों के मानदेय पर भी सरकार गंभीर हो गई है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि दोनों मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं, जिससे समान रूप से राहत देने पर विचार हो रहा है। अगर सरकार इस दिशा में कदम उठाती है तो लाखों शिक्षामित्रों को सीधा फायदा मिल सकता है और लंबे समय से चल रही मांग पूरी होने की उम्मीद बढ़ जाएगी।
बजट सत्र से जुड़ी उम्मीदें
राज्य का बजट सत्र शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए इस बार काफी अहम माना जा रहा है। पिछले कई महीनों से मानदेय बढ़ाने को लेकर लगातार चर्चा चल रही है, जिससे सभी की नजरें अब सरकार के फैसले पर टिकी हैं। बता दें कि चुनावी वादों और कर्मचारियों की मांग को देखते हुए सरकार इस बार बड़ा ऐलान कर सकती है। वहीं विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रस्ताव पर मंथन जारी है, जिससे बजट में इस पर मुहर लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
शिक्षामित्रों की लंबे समय से मांग
शिक्षामित्र पिछले कई सालों से मानदेय बढ़ाने और स्थायी समाधान की मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि ₹10000 में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है, जबकि काम की जिम्मेदारी लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं कई बार धरना और प्रदर्शन भी किए गए, जिससे सरकार पर दबाव बना रहा। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश और बजट सत्र के माहौल के बाद शिक्षामित्रों को लग रहा है कि इस बार उनकी मांग सुनी जा सकती है और उन्हें आर्थिक राहत मिल सकती है।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
फिलहाल अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर ही होना है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि मानदेय बढ़ोतरी को लेकर सकारात्मक रुख है। अगर प्रस्ताव पास होता है तो शिक्षामित्रों को ₹7000 से ₹10000 तक का सीधा फायदा मिल सकता है। वहीं शिक्षा विभाग भी इस कदम को जरूरी मान रहा है, जिससे स्कूलों में काम कर रहे शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा। अब सबकी नजर बजट सत्र पर है, जहां से साफ हो जाएगा कि सरकार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को कितनी राहत देने जा रही है।

