उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों को लेकर बड़ा बदलाव कर दिया है। अब राज्य के सभी कर्मचारी केवल मानव संपदा पोर्टल के जरिए ही छुट्टी ले सकेंगे और ऑफलाइन छुट्टी की व्यवस्था लगभग खत्म कर दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे छुट्टियों की पूरी प्रक्रिया आसान, तेज और पारदर्शी बनेगी, साथ ही हर कर्मचारी का रिकॉर्ड एक ही जगह सुरक्षित रहेगा। इसी वजह से सभी विभागों और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि हर कर्मचारी ऑनलाइन सिस्टम का ही इस्तेमाल करे और किसी भी तरह की देरी या गड़बड़ी न हो।
अब छुट्टी के लिए ऑनलाइन सिस्टम अनिवार्य
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी विभागों को साफ निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों की छुट्टी अब केवल मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ही मंजूर की जाए। बता दें कि सरकार ने कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड और छुट्टी की प्रक्रिया को एक जगह लाने के लिए यह पोर्टल बनाया है, जिससे काम तेज और पारदर्शी हो सके। पहले कई जगह छुट्टी ऑफलाइन तरीके से भी दी जा रही थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया गया है, जिससे हर विभाग में एक ही नियम लागू रहे और छुट्टियों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन ही सुरक्षित रखा जा सके।
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हर कर्मचारी का पंजीकरण जरूरी
सरकार ने कहा है कि जिन कर्मचारियों ने अभी तक मानव संपदा पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तुरंत रजिस्ट्रेशन कराना होगा। वहीं विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने विभाग के हर कर्मचारी का शत प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करें। समीक्षा में सामने आया कि कई विभागों में अभी भी बड़ी संख्या में कर्मचारी पोर्टल पर दर्ज नहीं हैं, जिससे छुट्टी और सेवा से जुड़े कामों में दिक्कत हो रही है। इसी वजह से अब सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी कर्मचारी पोर्टल से बाहर न रहे और हर प्रक्रिया इसी सिस्टम से पूरी की जाए।
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पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
बता दें कि राज्य सरकार पहले भी कई बार मानव संपदा पोर्टल के इस्तेमाल को लेकर आदेश जारी कर चुकी है। कर्मचारियों को एपीआर और एसीआर जैसे जरूरी रिकॉर्ड भी इसी पोर्टल पर भरने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई कर्मचारियों ने समय पर अपनी जानकारी अपडेट नहीं की, जिससे शासन स्तर पर नाराजगी सामने आई। अब नए निर्देश में फिर से साफ किया गया है कि सेवा से जुड़े सभी काम ऑनलाइन ही पूरे किए जाएं, ताकि विभागों में एक समान व्यवस्था बनी रहे और कर्मचारियों का पूरा डाटा डिजिटल रूप में उपलब्ध रहे।
विभागों को दी गई सख्त जिम्मेदारी
नए आदेश में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष, मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को साफ तौर पर जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने अधीन कर्मचारियों का पूरा पंजीकरण करवाएं और सभी प्रकार की छुट्टियां केवल पोर्टल से ही स्वीकृत कराएं। सरकार का मानना है कि इससे छुट्टियों की प्रक्रिया तेज होगी और पारदर्शिता बनी रहेगी। वहीं अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि समय पर अवकाश आवेदन का निस्तारण किया जाए, जिससे कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी न हो और पूरी व्यवस्था ऑनलाइन तरीके से सुचारु रूप से चलती रहे।
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