29 हजार स्कूलों में 60000 अनुदेशक रखे जाएंगे, यूपी बोर्ड ने शुरू की प्रक्रिया UP Board Anudeshak News

By
On:
Follow Us

UP Board Anudeshak News: यूपी बोर्ड के 29000 स्कूलों में अनुदेशक रखे जाएंगे इन स्कूलों में लगभग 60000 अनुदेशकों की नियुक्ति की जाएगी, यूपी बोर्ड के कक्षा 9 और 11 में व्यावसायिक शिक्षा को जरूरी कर दिया गया है। किसी को देखते हुए प्रत्येक स्कूल में काम से कम दो कोर्स पढ़ना जरूरी होगा यूपी बोर्ड द्वारा बोर्ड से जुड़े इन 29000 से अधिक स्कूलों में 1 अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र शुरू हो जाएगा नए सत्र से ही लगभग 60000 अनुदेशक यूपी बोर्ड के इन स्कूलों में  संविदा पर नियुक्त किए जाएंगे  प्रत्येक स्कूल में काम से कम दो अनुदेशकों को रखा जाएगा बोर्ड के विशेषज्ञ जल्द ही यूपी बोर्ड के इन स्कूलों में रखे जाने वाले अनुदेशकों की न्यूनतम अर्हता निर्धारित करेंगे उसके बाद जल्द ही स्कूलों को दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे और फिर अनुदेशकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

NEP के अंतर्गत लिया गया निर्णय

बता दें पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान भोपाल के सहयोग से इन सभी वेबसाइट पाठ्यक्रमों में वर्तमान तकनीकी जरूरत और उद्योग जगत की जरूरत तथा विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को ध्यान में रखते हुए कौशल आधारित व्यावहारिक और रोजगार से संबंधित विषय वस्तु को शामिल किया गया है। यह सिलेबस राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए रखा गया है यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह द्वारा विद्यालय शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से यह बड़ा महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिससे भविष्य की चुनौतियों के लिए छात्रों को तैयार करने में सहायता मिलेगी।

प्रत्येक स्कूल में दो अनुदेशकों की होगी नियुक्ति

यूपी बोर्ड के लगभग 29000 स्कूल वर्तमान में संचालित किया जा रहे हैं यूपी बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुसार स्कूल को अपने संसाधनों से ही दो अनुदेशक रखने होंगे, जिससे दोनों कक्षाओं में चलने वाले कोर्स नियमित तरीके से चलाए जा सके विशेषज्ञ टीम द्वारा इन अनुदेशकों की योग्यता का निर्धारण करेगी और उसी के आधार पर स्कूलों में आगे की जानकारी भेजी जाएगी। योग्यता तय होने के बाद स्कूल स्तर पर ही अनुदेशक रखे जाएंगे जिससे छात्रों की पढ़ाई में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आएगी 1 अप्रैल से यह व्यवस्था यूपी बोर्ड के इन सभी स्कूलों में लागू किए जाने की योजना है।

छात्रों के स्किल और रोजगार पर फोकस

बता दें बोर्ड द्वारा शुरू की गई इस स्कीम के अंतर्गत प्रमुख उद्देश्य छात्रों में स्किल विकसित करने के साथ-साथ रोजगार को बढ़ावा देना प्रमुख उद्देश्य रखा गया है छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप ही व्यवहारिक के साथ-साथ प्रेक्टिकल ज्ञान भी देना है। जिससे छात्रा आत्मनिर्भर बन सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सके छात्रों का ज्ञान केवल पढ़ाई तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए इन्हीं सभी उद्देश्यों को देखते हुए यूपी बोर्ड द्वारा इन अनुदेशकों की नियुक्ति की जा रही है।

स्थानीय उद्योगों से जुड़े की पढ़ाई इंटर्नशिप भी जरूरी

बता दें स्कूलों को कम से कम दो विषय अपनी भौगोलिक स्थिति के आधार पर चयनित करने होंगे जिसका प्रमुख उद्देश्य यह है। कि छात्र अपने क्षेत्र के उद्योगों से भी जुड़ सकेंगे और पढ़ाई का सीधा फायदा रोजगार में दिखाई देगा स्कूल अलग-अलग उद्योगों से जुड़े कोर्स शामिल कर सकते हैं वहीं स्कूल अपने जिलों के प्रमुख उद्योगों से जुड़े विषय भी पढ़ाएंगे, जिससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी मिल सकेंगे वहीं छात्रों को संबंधित उद्योग में काम से कम 10 दिन के इंटर्नशिप भी करना जरूरी होगा जिससे ट्रेनिंग लेकर छात्र किताबों से बाहर निकाल कर कार्य के असली माहौल को भी समझ सकेंगे इंटर्नशिप के दौरान स्कूल और उद्योग एक दूसरे से समन्वय स्थापित करेंगे। जिससे ट्रेनिंग सही तरीके से पूरी हो सके। फिलहाल बोर्ड की योजना 1 अप्रैल से प्रत्येक स्कूल में दो अनुदेशक नियुक्त करने की है और बोर्ड द्वारा इस पर तेजी से काम किया जा रहा है।

Leave a Comment