CTET OMR Sheet Filling Update: CTET में OMR शीट भरना एग्जाम प्रक्रिया का तय हिस्सा होता है और इसी शीट के आधार पर उत्तर रिकॉर्ड किए जाते हैं। बोर्ड द्वारा निर्धारित फॉर्मेट के अनुसार OMR शीट पर दर्ज हर एंट्री सीधे मशीन स्कैनिंग में जाती है, इसलिए जानकारी साफ और सटीक भरी जाती है। रोल नंबर, मेन टेस्ट बुकलेट नंबर, बुकलेट कोड और आंसर मार्किंग सभी कॉलम निर्धारित क्रम में पूरे किए जाते हैं। एग्जाम हॉल में OMR शीट केवल ब्लैक या ब्लू बॉल पेन से भरी जाती है और किसी भी प्रकार की कटिंग, ओवरराइटिंग या अस्पष्ट मार्किंग स्कैनिंग में अलग से दर्ज नहीं होती। इसी तय प्रक्रिया के अनुसार OMR शीट को रिकॉर्ड में शामिल किया जाता है।
रोल नंबर और बुकलेट डिटेल भरने का प्रोसेस
OMR शीट के ऊपरी हिस्से में रोल नंबर और मेन टेस्ट बुकलेट नंबर दर्ज करने के लिए अलग बॉक्स बने होते हैं। उम्मीदवार सबसे पहले अपना रोल नंबर क्रम में लिखता है और नीचे दिए गए सर्कल में उसी अनुसार गोले भरता है। इसके बाद मेन टेस्ट बुकलेट नंबर और बुकलेट कोड को निर्धारित स्थान पर भरा जाता है। बुकलेट कोड ए, बी, सी या डी में से जो पेपर पर छपा होता है, वही मार्क किया जाता है। भाषा सेक्शन से जुड़ा कोड भी तय कॉलम में दर्ज किया जाता है और सभी एंट्री एकसमान व साफ तरीके से पूरी की जाती हैं ताकि स्कैनिंग में जानकारी स्पष्ट रहे।
आंसर मार्किंग और मार्किंग सिस्टम का तरीका
OMR शीट में हर सवाल के सामने चार विकल्प के सर्कल बने होते हैं और उम्मीदवार सही विकल्प के सर्कल को पूरा भरता है। मार्किंग सिस्टम मशीन आधारित होने के कारण आधा या हल्का भरा गोला स्कैन में दर्ज नहीं होता। एक सवाल में एक ही सर्कल मान्य होता है और एक से अधिक सर्कल भरने पर जवाब अमान्य माना जाता है। सर्कल के बाहर कोई निशान, टिक या लाइन नहीं लगाई जाती। आंसर भरते समय पेन का दबाव सामान्य रखा जाता है और गोला पूरी तरह बंद तरीके से भरा जाता है ताकि स्कैनिंग में सभी उत्तर स्पष्ट रूप से दर्ज हों।
एग्जाम हॉल में OMR से जुड़े आधिकारिक निर्देश
- उम्मीदवार केवल ब्लैक या ब्लू बॉल पेन से ही OMR शीट भरता है।
- OMR शीट को मोड़ना, गीला करना या खराब करना अनुमत नहीं होता।
- सभी जरूरी कॉलम एग्जाम के दौरान ही पूरे भरे जाते हैं और कोई कॉलम खाली नहीं छोड़ा जाता।
- एक सवाल में केवल एक सर्कल भरा जाता है और एक से अधिक सर्कल अमान्य माने जाते हैं।
- सर्कल के बाहर टिक, निशान या लाइन नहीं लगाई जाती और गोला पूरा भरा जाता है।
- OMR शीट पर कटिंग, ओवरराइटिंग या व्हाइटनर का उपयोग दर्ज नहीं किया जाता।
- शीट जमा करने से पहले रोल नंबर, बुकलेट कोड और आंसर मार्किंग को मिलाया जाता है।
- सिग्नेचर केवल निर्धारित बॉक्स में ही किए जाते हैं और अतिरिक्त लिखावट नहीं की जाती।
OMR शीट स्कैनिंग और रिकॉर्ड प्रक्रिया
CTET एग्जाम के बाद सभी OMR शीट्स को स्कैनिंग मशीन के जरिए डिजिटल रिकॉर्ड में बदला जाता है। स्कैनिंग के दौरान वही जानकारी दर्ज होती है जो शीट पर स्पष्ट और सही तरीके से भरी गई होती है। गलत या अधूरी मार्किंग मशीन द्वारा अलग से रिकॉर्ड नहीं की जाती और डेटा उसी अनुसार तैयार होता है। बोर्ड द्वारा तय फॉर्मेट में भरी गई OMR शीट को वैध माना जाता है और उसी आधार पर रिजल्ट प्रोसेस किया जाता है। परीक्षा से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाता है और स्कैन की गई कॉपी आधिकारिक डेटा का हिस्सा बनती है।

